कैसे करें होली दहन का अनुष्ठान ?

होली दहन के अनुष्ठान से घर में सुख शांति का वास होता है, तथा सुख और समृद्धि में बढ़ोतरी होती हैं।

हमारे शास्त्रों में होली पूजन और अनुष्ठान के कुछ नियम बताएं है, यदि आप इस तरह से होलीपूजन और अनुष्ठान करते है तो आप का भाग्योदय निश्चित है।

होली के अनुष्ठान से हो सकता है भाग्योदय

जान लें होली अनुष्ठान के क्या है नियम

शास्त्रों के अनुसार होली दहन से पहले स्नान करना चाहिए, फिर होली पूजा के स्थान पर पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठ जाएं

शास्त्रों के नियमा अनुसार  होलिका पूजन में गाय के गोबर से होलिका की मूर्ति बनाएं,  साथ ही भक्त प्रल्हाद की भी मूर्ति गाय की गोबर से ही बनाएं।

गाय के गोबर से बनाये मूर्ति

पूजा के लिए फूल, धूप, धूप, फूल, कच्ची रूई, गुड़, हल्दी, हरे चने, सोआ, गुलाल, नारियल और पांच या सात प्रकार के अनाज, ताजा गेहूं की माला लें।

होलिका पूजन के लिए सामग्री

होली दहन पूजा के समय कोई भी मीठा भोजन, पांच प्रकार के फल भोग के लिए लगाने चाहिए। और होली की परिक्रमा करनी चाहिए।

साथ ही परिक्रमा करते समय परिवार के सभी सदस्यों की सलामती और शांति और संतोष के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

होलिका की अग्नि को बहुत पवित्र माना जाता है और कहा जाता है कि उसकी परिक्रमा करने से आपके मन की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

यह थी होली विशेष पर होलिका पूजन और अनुष्ठान की जानकारी 

आप सभी को  Agree - Farmer  परिवार  की और से होली  और  रंगोत्सव की हार्दिक बधाई